LPG संकट के बीच गुड न्यूज, भारतीय नौसेना होर्मुज से निकाल लाई 2 और जहाज; ईरान कैसे माना

LPG संकट के बीच गुड न्यूज: भारतीय नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य से निकाले 2 और जहाज, ईरान को कैसे किया राजी?

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय नौसेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दो और भारतीय जहाजों को सुरक्षित निकालने में कामयाबी हासिल की है। सूत्रों के अनुसार, इस काम में नौसेना की कूटनीतिक भूमिका अहम रही और ईरान के अधिकारियों से सीधी बातचीत के जरिए यह संभव हो सका।

होर्मुज से निकले जग वसंत और पाइन गैस जहाज

News18 की एक रिपोर्ट में सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि 'जग वसंत' और 'पाइन गैस' नाम के दो जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सफलतापूर्वक बाहर निकल आए हैं। सोमवार की सुबह इस जलडमरूमध्य से गुजरने के बाद ये जहाज अभी अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हैं और जल्द ही भारत पहुंच सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की मंजूरी के बाद ही ये जहाज रवाना हो सके।

सूत्रों का कहना है कि इस मंजूरी को दिलाने में भारतीय नौसेना ने अहम भूमिका निभाई। नौसेना के अधिकारियों ने ईरानी पक्ष से सीधी बातचीत की और दोनों जहाजों को रवाना कराया। हालांकि यह भी बताया जा रहा है कि IRGC के भीतर फैसले लेने में काफी वक्त लग रहा था, क्योंकि ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारिजानी के निधन के बाद वहां की आंतरिक प्रक्रिया प्रभावित हुई है।

न्यू मंगलौर बंदरगाह पर पहुंचा अमेरिकी LPG जहाज

इससे पहले रविवार को न्यू मंगलौर बंदरगाह पर अमेरिका से LPG लेकर एक जहाज पहुंचा। अधिकारियों ने बताया कि 'पिक्सिस पायनियर' नामक यह जहाज 14 फरवरी को टेक्सास के 'पोर्ट ऑफ नीदरलैंड' से रवाना हुआ था और इसमें 16,714 टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस भरी हुई है। इसे एजिस लॉजिस्टिक्स कंपनी को सौंपा जाएगा। खास बात यह है कि यह जहाज उसी दिन बंदरगाह पर पहुंचा, जिस दिन रूसी जहाज 'एक्वा टाइटन' भी वहां डॉक किया था।

इससे पहले 'शिवालिक' और 'नंदा' नाम के जहाज भी भारत के लिए LPG लेकर आ चुके हैं। इस तरह लगातार आपूर्ति बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।

LPG संकट से निपटने के लिए सरकार के कदम

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण समुद्री रास्तों में रुकावट आ रही है, जिससे भारतीय कंपनियों को माल की ढुलाई में देरी और जरूरी कच्चे माल की कमी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उद्योग मंडल CII के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि इस तनाव के कारण समुद्री मार्गों पर बाधा उत्पन्न हो रही है और सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है, जिसका असर कंपनियों पर साफ दिखने लगा है।

सरकार ने गैस वितरण को बेहतर बनाने और आपूर्ति का दबाव कम करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। शहरों में पाइपलाइन गैस परियोजनाओं (CNG/PNG) के आवेदनों को तेजी से निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, प्रमुख क्षेत्रों में व्यावसायिक LPG की आपूर्ति बढ़ाने का आदेश भी दिया गया है, ताकि घरेलू और कारोबारी दोनों जरूरतें पूरी हो सकें।

पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) ने अपने कार्यालयों को निर्देश दिया है कि शहर गैस वितरण (CGD) से जुड़े सभी आवेदन केवल 10 दिनों के भीतर निपटाए जाएं। इसका उद्देश्य पाइपलाइन के जरिए प्राकृतिक गैस की व्यवस्था को जल्द से जल्द शुरू करना है।

बड़े शहरों में PNG की ओर शिफ्ट की सलाह

सरकार ने बड़े शहरों और शहरी क्षेत्रों में व्यावसायिक LPG उपभोक्ताओं को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पर स्विच करने की सलाह दी है, ताकि LPG पर निर्भरता कम हो सके। बयान के अनुसार, घरेलू LPG की आपूर्ति अभी स्थिर बनी हुई है, डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास गैस की कोई कमी नहीं है और देशभर में वितरण सामान्य रूप से हो रहा है। साथ ही, ज्यादातर आपूर्ति OTP (वन-टाइम पासवर्ड) आधारित प्रमाणीकरण से हो रही है और पहले जैसी अचानक बुकिंग की स्थिति अब नहीं रही।

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