
पाकिस्तान में 'धुरंधर 2' का खौफ, पकड़े जा रहे जासूस? वायरल वीडियो का सच जान लीजिए
रणवीर सिंह की धमाकेदार फिल्म 'धुरंधर 2' (धुरंधर द रिवेंज) की जबरदस्त सफलता के बाद पाकिस्तान में पुलिस द्वारा संदिग्धों की जांच-पड़ताल का एक वीडियो इंटरनेट पर तूफान की तरह फैल गया है। दावा किया जा रहा है कि फिल्म की कहानी से घबराकर पाकिस्तानी अधिकारियों ने सड़कों पर अचानक चेकिंग तेज कर दी है। आइए जानते हैं इस 'स्पाई अलर्ट' वाले दावे और कराची के इस पुराने वीडियो का असली सच।
फिल्म से जुड़ा भ्रम और सोशल मीडिया पर बवाल
फिल्म धुरंधर 2 में एक भारतीय जासूस की रोमांचक कहानी दिखाई गई है, जो पाकिस्तान के लियारी इलाके के खतरनाक अंडरवर्ल्ड में घुसकर पाकिस्तान के नापाक मंसूबों को नाकाम करता है। इस रोमांचक कहानी ने दर्शकों को खूब उत्साहित किया, लेकिन साथ ही सोशल मीडिया पर एक बड़ी गलतफहमी को भी जन्म दे दिया।
फिल्म की सफलता के तुरंत बाद, इंटरनेट पर कई वीडियो तेजी से शेयर किए जाने लगे। इन वीडियो के साथ यह दावा किया गया कि 'धुरंधर 2' की कहानी से सतर्क होकर पाकिस्तानी अधिकारियों ने सड़कों पर अचानक रैंडम चेकिंग बढ़ा दी है। एक खास वीडियो आग की तरह फैला, जिसमें पुलिस को सड़क पर लोगों को रोककर जांच करते देखा जा सकता है। वीडियो के एक हिस्से में एक पुलिस अधिकारी सड़क किनारे सो रहे एक बुजुर्ग का कंबल हटाकर उसे जगाते हैं और जाने देने से पहले उससे पूछताछ करते हैं।
वीडियो के साथ क्या दावा और क्या है सच्चाई?
सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे 'धुरंधर 2' के खौफ से जुड़ा एक ताजा 'पुलिस क्रैकडाउन' करार दे दिया। यह और भी अजीब है क्योंकि यह फिल्म पाकिस्तान में रिलीज तक नहीं हुई है। जब इन दावों की हकीकत खंगाली गई, तो तस्वीर बिल्कुल अलग निकली।
एक वीडियो में फुटपाथ पर सो रहे लोगों को उठाकर उन्हें पुलिस कार में बिठाया जा रहा है। इस अभियान को लीड कर रहा व्यक्ति कहता है कि ये लोग रात में चोरी करते हैं और दिन में नशा करके सो जाते हैं। वह शख्स यह भी बताता है कि यह अभियान 24 सितंबर को चलाया जा रहा है। जानकारी के लिए बता दें कि धुरंधर का पहला पार्ट पिछले साल 5 दिसंबर को रिलीज हुआ था।
सच यह है कि ये वीडियो नए नहीं हैं। ये संभवतः कराची, विशेष रूप से लियारी इलाके में, किसी पुराने पुलिस ऑपरेशन का हिस्सा हैं। इस तरह की चेकिंग वाले क्लिप्स वास्तव में 2025 के मध्य से ही इंटरनेट पर मौजूद हैं। यह कोई फिल्मी स्टाइल में जासूसों की तलाश नहीं थी, बल्कि पुलिस की एक सामान्य चेकिंग की कार्रवाई थी।
इंटरनेट ने उठाया खूब मजा
भले ही वायरल वीडियो का फिल्म से कोई लेना-देना न हो, लेकिन इंटरनेट की जनता ने इस मौके पर खूब मजे लिए। कमेंट सेक्शन में मीम्स की बाढ़ आ गई। लोग मजाक में लिख रहे हैं कि वीडियो में दिखने वाला कोई भी शख्स अंडरकवर जासूस हो सकता है — यहां तक कि खुद पूछताछ करने वाले पुलिस वाले भी! मजेदार बात यह है कि जासूसों पर बनी एक फिल्म ने ऑनलाइन दुनिया में भ्रम का अपना ही एक अलग जाल बुन लिया है।
फैक्ट चेक: यह वीडियो पाकिस्तान में 'धुरंधर 2' के खौफ से जुड़ा नहीं है। यह पुराना पुलिस ऑपरेशन का फुटेज है जिसे गलत संदर्भ में वायरल किया गया।