
हरिद्वार में बंदर बनाने लगा व्लॉग — 100 मिलियन व्यूज और 8 मिलियन लाइक्स वाले वायरल वीडियो का सच
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक बेहद चौंकाने वाला वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक बंदर हाथ में मोबाइल थामे, बिल्कुल किसी इंसानी व्लॉगर की तरह वीडियो बनाता नज़र आ रहा है। वीडियो इतना वायरल हो चुका है कि अब तक इसे 100 मिलियन से ज़्यादा लोग देख चुके हैं और करीब 8 मिलियन लोगों ने लाइक भी किया है। साढ़े मिलियन से अधिक लोगों ने इसे शेयर किया है। लेकिन आखिर इस वीडियो की सच्चाई क्या है? हमने इसकी पड़ताल की।
क्या है वायरल वीडियो में?
वायरल वीडियो में एक बंदर हरिद्वार की हर की पौड़ी पर गंगा स्नान करने आया है। वो अपने हाथ में मोबाइल लेकर बिल्कुल व्लॉगर स्टाइल में बात करता दिखता है और कहता है — "नमस्कार दोस्तों, आज मैं आया हूं हरिद्वार, हर की पौड़ी में गंगा स्नान करने और गंगा मां का आशीर्वाद लेने।" आगे बंदर बताता है कि यह उसका पहला गंगा स्नान है, पानी थोड़ा ठंडा है लेकिन दिल को सुकून मिल रहा है। वो कहता है कि ऐसे पल ज़िंदगी में कभी-कभी ही आते हैं। बंदर यह भी जोड़ता है कि वो अब स्पिरिचुअल व्लॉग बनाने के लिए तैयार है।
इंस्टाग्राम अकाउंट "Vlogger Babloo AI" से पोस्ट किए गए इस वीडियो के अलावा उसी अकाउंट पर ऐसे कई और वीडियो भी मौजूद हैं।
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लोगों के मन में उठा सवाल
वीडियो देखकर लाखों लोगों के मन में यह सवाल उठा कि आखिर एक बंदर इंसानों की तरह व्लॉग कैसे बना सकता है, वो भी इंसानी आवाज़ में? यही जिज्ञासा वीडियो को इतना वायरल बनाने की वजह बनी।
फैक्ट चेक: AI से बना है यह वीडियो
जब हमने इस वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए फैक्ट चेक किया, तो पूरा माजरा सामने आ गया। दरअसल यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया है। हमने इसे "Deepware Scanner" नामक टूल से जांचा। यह टूल AI से बने और डीपफेक वीडियो की पहचान करने के लिए इस्तेमाल होता है। यह टूल वीडियो में मौजूद चेहरों की असामान्य मूवमेंट और अप्राकृतिक फ्लिकर को पकड़ता है। साथ ही यह होठों की चाल को भी विश्लेषण करता है, जिससे AI जनरेटेड और असली वीडियो का फर्क साफ हो जाता है। जांच में यह वीडियो AI जनरेटेड पाया गया।
निष्कर्ष
हरिद्वार में बंदर का यह "व्लॉग" असल नहीं, बल्कि AI तकनीक का कमाल है। वीडियो पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाया गया है। इसलिए ऐसे वायरल वीडियो देखते समय सतर्क रहें और बिना जांचे-परखे उन्हें सच न मानें।